Monday, December 22, 2014

जय जय भैय्या जय जय राम।

छत पर मेरे कौवे आते 
तरह तरह करतब दिखलाते। 

बोला मोटा कौवा एक दिन 
अच्छा नहीं लगता मेरे बिन 
बोला दुबला कौवा फिर 
लाओ खिलाओ दूध औ खीर। 

बोले कौवे सुबहो शाम 
जय जय भैय्या जय जय राम। 

जाना नहीं मुझे स्कूल

जाना नहीं मुझे स्कूल 
जाना नहीं मुझे स्कूल। 

अभी तो छोटा बच्चा हूँ 
उमर में काफी कच्चा हूँ 
बच्चा पर मैं सच्चा हूँ 
घर पर ही मैं अच्छा हूँ। 

जाना नहीं मुझे स्कूल 
जाना नहीं मुझे स्कूल। 

खेल कूद और गाना गाना 
हंसी ख़ुशी और मौज़ मनाना 
घर पर ही मैं अच्छा हूँ 
अभी तो छोटा बच्चा हूँ। 

जाना नहीं मुझे स्कूल 
जाना नहीं मुझे स्कूल। 

Sunday, December 21, 2014

नई कहानी खुद नानी की

ना राजा की ना रानी की 
नई कहानी खुद नानी की। 

नानी के थे काले बाल 
चिकने चिकने लम्बे बाल। 

नानी पीती थी खुब दूध 
भरा गिलास मलाई खूब। 

नानी से डरते थे नाना 
थरथर कापें बड़के मामा। 

मम्मी नानी से है डरती 
नानी प्यार मुझी से करती। 


  

नींद नहीं आती ख्वाब आते रहे दिन औ रात।

१. 
कब्रगाहों में दफ्न 
आशाओं के तेवर,
कुंडली मार छिप गयीं 
योजनाएं ख़ुशी की,
और काई पर फिसल गई 
तेरी हँसी 
बेतरतीब बिला वज़ह ख्वाब दर ख्वाब आती रहती है। 
परत दर परत जमते जाते हैं मुझ पर ख्वाब मेरे। 

२. 

नींद नहीं आती 
ख्वाब आते रहे दिन औ रात। 

३. 

देखी बचपन में भूली भूली भुतहा फिल्मो सी 
पता नहीं ख्वाब है या खुद मैं। 
हक़ कोई मुझे सवालात का ?
जवाब नहीं कोई 
पास मेरे। 

रस्म ज़िन्दगी निभाने की ?
मौत इर्द गिर्द 
पास मेरे। 


Saturday, December 13, 2014

गठरियों पर लदी गठरियाँ,

१.

मांग लूंगा पहली दुआ,
गर मर के खुदा मिला।

२.

इसके पहले कि मर जाए खुदा 
मन्नतें मांग लूँ, उम्र लम्बी हो। 

३. 

गठरियों पर लदी गठरियाँ, नहीं पता 
ढो रहा मैं दुनिया या दुनिया मुझको। 




Wednesday, October 22, 2014

बोझ यादों का भला।

१.

तर्क की गंध ही बारूदी 
हिसाब की लौ मद्धम। 
आग लगा दो हिसाब औ तर्क को। 

२.

नहीं बेहतर कुछ, रात की बारिश से 
अँधेरे में खुशबू और छपाछप। 
हो रात तो, करो बारिश। 

३. 

याद भी जलाती है 
स्वप्न झरते हैं यादों में। 
मन के खालीपन से बोझ यादों का भला।